रिश्तों का कत्ल भारत मे आम बात हो गई है।

follow भारतीय समाज में  बहुत पुराना सिद्धान्त है कि रिश्तों को अहम समझा जाता था। लेकिन आजकल लोग रिश्तों का ही कत्ल करने में लगे हैं। ऐसा क्यों हो रहा है ?भारत मे लोग अपने बच्चों अपने परिवार अपने रिश्तों को बचाने के लिये अपनी जान तक न्योछावर करने से नही चूकते थे ।समाज मे अब रोज नए नए हत्याकांड हो रहे हैं।लोग अपनी खुद की बहन, अपने जीजा ,अपनी पत्नी ,अपने पति,अपने भाई, अपने पिता,अपनेबेटे,अपनी बेटी का ही कत्ल कर देते हैं ।रिश्तों का कत्ल करने में नही चूकते हैं।ऐसा पहले अशिक्षित लोग थे ।कुछ लोग ही गुरुकुल में ही पढ़ते थे। उसके बाउजूद भी रिश्तों का कत्ल नही करते थे।लोग आपस मे मिलजुलकर ही रहते थे ।अगर भारतीय इतिहास में अगर कोई घटनाएं होती थी।तो वो सिर्फ राजपरिवारों में ही राजगद्दी के लिये होती थी ।या कोई धनिक परिवारों में धन के लिये घटनाएं होती थी।

भारतीय संस्कृति पतन की ओर अग्रसर है।

http://arbhojpuri.com/download-song/1388/ रिश्तों का कत्ल आज के युग मे आम बात हो गई है।ये आधुनिक भारत मे रोज रोज होती है। इसकी वजह है।लोगों की अधिक  मानसिक तौर से पतन व आपने लालच में रिश्तों का कत्ल होता है। अपनी आवश्कता को पूरी करने के लालच में एक दूसरे का कत्ल करते हैं।चाहे आवश्कता शारारिक हो या आर्थिक उसको पूरा करने के लालच में रिश्तों का कत्ल करते हैं।12नवम्बर को मुरलीपुरा स्किम बाईपास के पास एक कुमावत के प्लाट पर किराएदार ने अपने  आशिक के साथ मिलकर अपने ही पति की कुल्हाड़ी से हत्या कर के लाश बोरे में  डाल दी । पुलिस के सामने ही अपने पति की लाश को पहचानने से ही इनकार कर दिया । जब खुद मकान मालिक की लड़की ने बताया कि यही इसका पति है। जब वो औरत व उसका आशिक पकड़ में आये थे।

जब तक लालच खत्म नही होगा समाज का पतन नही रुकेगा ।

sitios internet conocer gente खुद पत्नी अपने पति की हत्या कर सकती है। तो रिश्ते बचते ही नही है।भारतीय समाज मे पत्नी को को आदमी की अर्धांगिनी माना गया है।अगर वह पत्नी या पति आपस मे ही हत्या करते हैं। तो रिश्तों का भारतीय समाज मे पतन सुरु हो गया है। इसमे कोई संदेह नही बचा है।भारत का सामाजिक सिद्धान्त को लोग विश्व गुरु के रूप में लोग देखते थे। वो आज के जमाने मे एक सपना मात्र ही हो चला है। लोग अपने शरीर की भूख मिटाने व पैसों के लालच में रिश्तों का कत्ल करने में लगे हैं। लोगों की मानशिकता खत्म हो रही है । लोगों में लालच इस कदर बढ़ गया है कि आपसी रिश्तों का भी कत्ल करने से नही चूकते हैं।इसलिए लोग अपनी पहचान को भूल रहे हैं। भारतीय संस्कृति को खो रहे हैं।

भारतीय समाज को जागरूकता की जरूरत है।

can you get premarin over the counter भारतीय संस्कृति का पूरे विश्व मे उदारहण पेश किया जाता था। भारत के सयुक्त परिवार को लोग आश्चर्य से देखते थे।कि इतने लोग एक जगह घुलनशील होकर कैसे प्यार से एक साथ रहते हैं। भारत के समाज व संस्कृति को लोग बड़े चाव से देखते थे। विदेशी भारत की विविधता में एकता देख कर आश्चर्य चकित होते थे।लेकिन आज के युग मे लोग अपने रिश्तों को भूलकर  अपने रिश्तों का ही कत्ल कर रहे हैं।इन कागज के टुकड़ों व शरीर की आग मिटाने के लिए रिश्तों का कत्ल करते हैं।जो भारतीय समाज व संस्क्रति को गर्त की ओर ले जाने का काम कर रहे हैं।

watch भारत मे पाश्चात्य सभ्यता का प्रभाव बढ़ रहा है।

source जितनी शिक्षा बढ़ी है।

watch उतनी ही संस्क्रति नीचे गई है।

go here पहले भगवान को मानने वाले अधिक थे ।

source जिससे लोगों में बुरे कर्मों से डरते थे ।

source site शिक्षित व्यक्ति विज्ञान व धन को अधिक महत्व देते हैं।

go site इसलिए कर्म से कोई नही डरता है।

चाहे अच्छा हो या बुरा हो ।

जब तक भगवान में भरोसा नही होगा इंसान बुरे कर्म करता ही रहेगा ।

भारत मे धर्मगुरु भी अपने कर्म से विमुख हो रहे हैं।

सही धर्म व कर्म का ज्ञान धर्म गुरु भी भूल रहे हैं।

सब  लोग मोहमाया के जल में  फसे हुए हैं।http://indiamirrornews.com/रिश्तों-का-कत्ल-हत्याकां/

About the author
Leave Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

clear formSubmit