जिम्बाब्वे मैच से क्यों बाहर थे रिंकू सिंह? पिता की बीमारी और निधन की खबर ने झकझोरा।

ग्रेटर नोएडा/अलीगढ़: भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे रिंकू सिंह के लिए आज का दिन बेहद कठिन है। टी20 वर्ल्ड कप के रोमांच के बीच अलीगढ़ के इस लाल ने अपने पिता खानचंद्र सिंह को हमेशा के लिए खो दिया है। आज तड़के खानचंद्र सिंह ने अंतिम सांस ली। वह पिछले लंबे समय से फोर्थ स्टेज (Stage 4) लिवर कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से जूझ रहे थे।

अंतिम समय में वेंटिलेटर पर थे खानचंद्र सिंह

जानकारी के अनुसार, क्रिकेटर के पिता की स्थिति पिछले कुछ दिनों से लगातार बिगड़ रही थी।

  • अस्पताल में भर्ती: हालत नाजुक होने पर उन्हें 21 फरवरी को ग्रेटर नोएडा के यथार्थ हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था।

  • गंभीर स्थिति: लिवर कैंसर के अंतिम चरण में होने के कारण उनके अंगों ने काम करना कम कर दिया था, जिसके चलते उन्हें मैकेनिकल वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। साथ ही उनकी लगातार किडनी रिप्लेसमेंट थेरेपी भी चल रही थी।

  • रिंकू का स्वदेश लौटना: पिता की गंभीर हालत को देखते हुए रिंकू सिंह टी20 वर्ल्ड कप के बीच से ही भारत लौट आए थे। इसी कारण वह जिम्बाब्वे के खिलाफ हुए पिछले मैच में टीम का हिस्सा नहीं बन पाए थे।

  • Cricketer Rinku Singh

संघर्ष की मिसाल थे खानचंद्र सिंह

रिंकू सिंह की सफलता में उनके पिता का बहुत बड़ा योगदान रहा है। एक समय था जब खानचंद्र सिंह अलीगढ़ में घर-घर जाकर गैस सिलेंडर पहुंचाने का काम करते थे ताकि उनके बेटे का क्रिकेटर बनने का सपना पूरा हो सके। रिंकू अक्सर अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता के कठिन परिश्रम को देते रहे हैं।

क्रिकेट जगत में शोक की लहर

रिंकू सिंह के पिता के निधन की खबर मिलते ही सोशल मीडिया पर फैंस और साथी क्रिकेटरों ने शोक संवेदनाएं व्यक्त की हैं। बीसीसीआई (BCCI) और टीम इंडिया के खिलाड़ियों ने रिंकू और उनके परिवार के प्रति अपनी सहानुभूति जताई है।

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