एमडी पद के लिए तकनीकी बैकग्राउंड की अनिवार्यता खत्म। – Uttarakhand Samachar



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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई हालिया कैबिनेट बैठक में राज्य के ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ा एक अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। सरकार ने UPCL, PTCUL और UJVNL जैसे महत्वपूर्ण ऊर्जा निगमों में प्रबंध निदेशक (MD) पद की चयन प्रक्रिया में संशोधन करते हुए ‘अनिवार्य तकनीकी शैक्षिक योग्यता’ की शर्त को बदल दिया है।

क्यों पड़ी इस संशोधन की जरूरत?

यह पूरा मामला पिटकुल (PTCUL) के प्रभारी एमडी पीसी ध्यानी की नियुक्ति से जुड़ा है:

  • हाईकोर्ट का आदेश: 18 फरवरी को नैनीताल हाईकोर्ट ने पीसी ध्यानी की नियुक्ति को यह कहते हुए रद्द कर दिया था कि वे संबंधित एक्ट के अनुसार आवश्यक तकनीकी योग्यता (इंजीनियरिंग बैकग्राउंड) नहीं रखते।

  • नियमों की दीवार: तत्कालीन नियमों के अनुसार, ऊर्जा निगमों के शीर्ष पद पर केवल तकनीकी विशेषज्ञ ही बैठ सकते थे।

सरकार ने अपनाया ‘संशोधन’ का रास्ता

हाईकोर्ट ने अपने फैसले में यह भी संकेत दिया था कि यदि सरकार चाहे तो नियमों (Act) में बदलाव कर सकती है। इसी का संज्ञान लेते हुए:

  1. ऊर्जा विभाग ने एमडी पद के लिए अनिवार्य तकनीकी अर्हता को हटाने का प्रस्ताव कैबिनेट को भेजा।

  2. कैबिनेट ने इसे मंजूरी दे दी, जिसके बाद अब गैर-तकनीकी (Non-Technical) पृष्ठभूमि वाले अनुभवी अधिकारी भी इन पदों के लिए पात्र होंगे।

  3. इस फैसले से पीसी ध्यानी की जिम्मेदारी बरकरार रहने और उनकी नियुक्ति को कानूनी वैधता मिलने की संभावना प्रबल हो गई है।

प्रशासनिक दृष्टिकोण: अनुभव को वरीयता

सरकार के इस फैसले को प्रशासनिक दृष्टिकोण से लचीलापन लाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि शीर्ष प्रबंधन के पदों पर केवल तकनीकी ज्ञान ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक अनुभव और प्रबंधन कौशल (Managerial Skills) भी समान रूप से महत्वपूर्ण हैं।


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