दौरान दिल्ली की मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और पूरी जांच तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि दिल्ली सरकार और जांच एजेंसियां निष्पक्ष तरीके से मामले की जांच कर सच्चाई को सामने लाएंगी। उन्होंने केशव नेगी की बेटी कनिष्का से भी फोन पर बात की और परिवार को हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया। सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार देशभर में रह रहे प्रवासी उत्तराखंडियों के हितों और सम्मान की रक्षा के लिए हमेशा उनके साथ खड़ी है।
दरअसल, बीते बुधवार को दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल फ्लॉरिस स्टे में भीषण आग लग गई थी। इस दर्दनाक हादसे में 21 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 13 विदेशी नागरिक भी शामिल बताए गए हैं। घटना के बाद दिल्ली प्रशासन ने अवैध रूप से संचालित कई होटल और रेस्टोरेंट्स के खिलाफ कार्रवाई शुरू करते हुए उन्हें सील किया। मामले की जांच के दौरान दिल्ली पुलिस ने उत्तराखंड निवासी केशव नेगी को गिरफ्तार किया। केशव होटल में रसोइए के रूप में कार्यरत था। पुलिस के अनुसार, हादसे के समय वह किचन में खाना बना रहा था। आरोप है कि इलेक्ट्रिक स्टोव चालू करते ही जोरदार धमाका हुआ, जिसके बाद आग तेजी से फैल गई। जांच एजेंसियों का दावा है कि धमाके के बाद केशव नेगी ने बिजली की सप्लाई काट दी थी। पुलिस को यह भी संदेह है कि बेसमेंट का शटर बंद होने और बिजली सप्लाई रुकने के कारण कई लोग अंदर फंस गए। पूछताछ के दौरान केशव ने इलेक्ट्रिक स्टोव में धमाका होने और बिजली काटने की बात स्वीकार की है। हालांकि, उसके परिवार और कई सामाजिक संगठनों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और किसी निर्दोष को बलि का बकरा नहीं बनाया जाना चाहिए।
केशव नेगी की गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई है। कई लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या हादसे की पूरी जिम्मेदारी केवल एक कर्मचारी पर डाली जा रही है या फिर वास्तविक दोषियों तक भी जांच पहुंचेगी। इस मामले में मुख्यमंत्री धामी से पहले सांसद अनिल बलूनी, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत समेत कई नेताओं ने भी चिंता जताई है। वहीं दिल्ली पुलिस ने होटल मालिक लवकेश बजाज को भी गिरफ्तार किया है। जनता की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और पीड़ित परिवारों को न्याय मिले।