उत्तराखंड के लिए बेहद दुखद और भावुक कर देने वाली खबर सामने आई है। अल्मोड़ा जिले के निवासी और भारतीय सेना के वीर अधिकारी लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी जम्मू-कश्मीर में चल रहे आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान शहीद हो गए हैं। उनकी शहादत की खबर मिलते ही पूरे उत्तराखंड में शोक की लहर दौड़ गई है। वहीं उनके परिवार और शुभचिंतकों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। रक्षा सूत्रों के अनुसार लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान में अपनी ड्यूटी निभा रहे थे। इसी दौरान उन्होंने अदम्य साहस और वीरता का परिचय देते हुए मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। उनकी शहादत ने एक बार फिर उत्तराखंड की वीर परंपरा को गौरवान्वित किया है।
जानकारी के मुताबिक शहीद अधिकारी का पार्थिव शरीर पहले जम्मू एयरफोर्स स्टेशन लाया जाएगा। वहां सेना और नागरिक प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, सैन्य जवान तथा विभिन्न गणमान्य लोग उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव अल्मोड़ा भेजा जाएगा, जहां राजकीय एवं सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी की शहादत पर गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि संदेश जारी करते हुए कहा कि सैन्यभूमि उत्तराखंड के वीर सपूत लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी ने जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान मातृभूमि की सेवा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया है। उनका साहस, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।
मुख्यमंत्री ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोकाकुल परिवार को इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है। प्रदेशवासियों ने भी वीर सपूत को नम आंखों से श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके बलिदान को नमन किया है। लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी की शहादत ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि उत्तराखंड की धरती हमेशा से वीर सैनिकों की जन्मभूमि रही है, जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया है। उनका बलिदान सदैव देशवासियों के दिलों में अमर रहेगा।