उत्तराखंड के रुड़की क्षेत्र में अवैध खनन का कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोलानी नदी से खुलेआम रेत निकाली जा रही है और रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां शहर के मुख्य मार्गों से बेखौफ होकर गुजर रही हैं। हैरानी की बात यह है कि यह गतिविधियां दिनदहाड़े हो रही हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रभावी कार्रवाई होती दिखाई नहीं दे रही। ऐसे में स्थानीय लोगों ने पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।
सोलानी नदी में खुलेआम हो रहा अवैध खनन
रुड़की के रामपुर चुंगी क्षेत्र स्थित सोलानी नदी में लंबे समय से अवैध खनन की शिकायतें सामने आती रही हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नदी से बड़े पैमाने पर रेत निकाली जा रही है और उसे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के माध्यम से विभिन्न स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि रेत से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां रामपुर चुंगी, ईदगाह चौक, वैशाली मंडप, आजाद नगर चौक और रामनगर चौक जैसे व्यस्त मार्गों से लगातार गुजर रही हैं। इन मार्गों पर दिनभर लोगों और वाहनों की आवाजाही बनी रहती है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है।
पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर उठ रहे सवाल
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जिन मार्गों से अवैध खनन सामग्री ढोई जा रही है, वहां पुलिस की नियमित तैनाती रहती है। इसके बावजूद न तो वाहनों की जांच की जाती है और न ही कोई बड़ी कार्रवाई सामने आती है। लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन और पुलिस गंभीरता दिखाएं तो अवैध खनन के इस नेटवर्क को कुछ ही समय में ध्वस्त किया जा सकता है। लेकिन कार्रवाई के अभाव में खनन माफियाओं के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं।
दिन के उजाले में चल रहा खनन
पहले अवैध खनन की गतिविधियां ज्यादातर रात के समय होने की शिकायतें आती थीं, लेकिन अब हालात ऐसे हैं कि दिन के उजाले में भी खनन किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह स्थिति प्रशासनिक निगरानी और कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े करती है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि लगातार शिकायतों के बावजूद अवैध खनन पर प्रभावी अंकुश नहीं लगाया जा सका है।
ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से बढ़ा हादसों का खतरा
सड़कों पर तेज रफ्तार और ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का संचालन स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। इन वाहनों के कारण सड़क दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी रहती है। नागरिकों का कहना है कि स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और आम राहगीरों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।
जॉइंट मजिस्ट्रेट ने दिए कार्रवाई के संकेत
मामले को लेकर रुड़की के जॉइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र सेठ का भी बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि अवैध खनन को लेकर लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। जॉइंट मजिस्ट्रेट के अनुसार मामले की निगरानी की जा रही है और इसमें शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि अवैध खनन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी निगाहें
अब स्थानीय लोगों की नजर प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो अवैध खनन न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचाएगा, बल्कि क्षेत्र में सड़क सुरक्षा और कानून व्यवस्था के लिए भी बड़ी चुनौती बन सकता है।