कांवड़ मेले के बीच हरिद्वार में बड़ा हादसा टला, सूखी नदी में बहीं दो कारें – India Mirror News

कांवड़ मेले के बीच हरिद्वार में बड़ा हादसा टला, सूखी नदी में बहीं दो कारें

[ad_1]

Read Time:7 Minute, 27 Second

हरिद्वार:-  पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश का असर अब मैदानी इलाकों में भी दिखाई देने लगा है। हरिद्वार में गुरुवार को अचानक सूखी नदी का जलस्तर बढ़ गया, जिससे खड़खड़ी क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। नदी के रपटे पर खड़ी दो कारें देखते ही देखते तेज पानी के बहाव में बह गईं।घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी व्यक्ति की जान नहीं गई। पानी का बहाव कम होने के बाद दोनों कारों को JCB और क्रेन की मदद से बाहर निकाला गया।

अचानक बढ़ा नदी का जलस्तर

जानकारी के मुताबिक, पहाड़ी इलाकों में हो रही बारिश के बाद गुरुवार को सूखी नदी में अचानक पानी का तेज बहाव आ गया। उस समय खड़खड़ी श्मशान घाट के पास रपटे पर दो कारें खड़ी थीं। लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही पानी का बहाव इतना तेज हो गया कि दोनों वाहन अपनी जगह से खिसककर नीचे की ओर बहने लगे। देखते ही देखते दोनों कारें पानी में बह गईं। मौके पर मौजूद लोगों ने किसी तरह सुरक्षित दूरी बनाई। पानी का बहाव तेज होने के कारण किसी ने वाहनों के पास जाने का जोखिम नहीं उठाया।

गंगा में पानी कम होने से टला बड़ा हादसा

बताया जा रहा है कि सूखी नदी खड़खड़ी श्मशान घाट के पास सीधे गंगा में मिलती है। गुरुवार को जिस समय दोनों वाहन बहे, उस समय आगे गंगा नदी में पानी अपेक्षाकृत कम था। इसी वजह से दोनों कारें सीधे गंगा के तेज बहाव में जाने के बजाय रपटे से नीचे उतरकर एक स्थान पर फंस गईं। अगर गंगा में भी तेज बहाव होता तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी।

पुलिस ने JCB और क्रेन से निकाली कारें

कारों के बहने की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने आसपास मौजूद लोगों को नदी से दूर रहने की सलाह दी और पानी का बहाव कम होने का इंतजार किया। जलस्तर और बहाव कम होने के बाद JCB और क्रेन की मदद से दोनों कारों को बाहर निकाला गया। इस पूरी कार्रवाई के दौरान पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी। पुलिस के मुताबिक, हादसे में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई है।

सूखी नदी में पहले भी बह चुके हैं वाहन

खड़खड़ी की सूखी नदी में वाहनों के बहने की यह पहली घटना नहीं है। बारिश के मौसम में पहाड़ों पर तेज बारिश होने के बाद सूखी नदी अचानक उफान पर आ जाती है। इसके बावजूद कई बार बाहर से आने वाले लोग रपटे पर अपने वाहन खड़े कर देते हैं। अचानक पानी आने पर वाहन चालकों को संभलने का मौका तक नहीं मिल पाता। स्थानीय स्तर पर भी लोगों को लगातार सावधानी बरतने की सलाह दी जाती रही है।

कुंभ मेले से बन रहा नया पुल

सूखी नदी के रपटे पर वाहनों के बहने और बारिश के दौरान आवागमन में होने वाली परेशानी को देखते हुए यहां नए पुल का निर्माण कराया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, इस पुल का निर्माण कुंभ मेले के बजट से कराया जा रहा है। हालांकि इस बार कांवड़ मेले तक पुल का निर्माण पूरा नहीं हो सका है और अभी काम जारी है। उम्मीद है कि आगामी कुंभ मेले से पहले पुल का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा। पुल बनने के बाद बरसात के दौरान सूखी नदी के अचानक उफान पर आने से पैदा होने वाली समस्या काफी हद तक कम होने की उम्मीद है।

श्मशान घाट आने वाले लोग करते हैं रपटे पर पार्किंग

बताया गया कि गुरुवार को खड़खड़ी श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार के लिए कुछ लोग पहुंचे थे। उनके वाहन सूखी नदी के रपटे के आसपास खड़े थे। स्थानीय प्रशासन की ओर से नदी के पास वाहन खड़ा नहीं करने के लिए चेतावनी बोर्ड भी लगाए गए हैं। इसके बावजूद कई लोग रपटे पर वाहन पार्क कर श्मशान घाट चले जाते हैं। बरसात के मौसम में यह लापरवाही कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

पुलिस की लोगों से अपील- नदी के पास वाहन न खड़ा करें

हरिद्वार के एसपी सिटी अभय सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई थी। पानी का बहाव कम होने के बाद दोनों वाहनों को सुरक्षित तरीके से बाहर निकाल लिया गया। उन्होंने लोगों और यात्रियों से अपील की कि बरसात के दौरान सूखी नदी के रपटे पर किसी भी स्थिति में वाहन खड़ा न करें। प्रशासन की ओर से निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही इस्तेमाल किया जाए। पुलिस ने लोगों को विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश की स्थिति को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है, क्योंकि सूखी नदी में बिना किसी पूर्व चेतावनी के अचानक पानी का तेज बहाव आ सकता है।

बारिश में सूखी नदी बन सकती है जानलेवा

सूखी नदी सामान्य दिनों में शांत दिखाई देती है, लेकिन पहाड़ों में भारी बारिश होते ही इसका स्वरूप तेजी से बदल सकता है। यही वजह है कि बरसात के मौसम में नदी और रपटे के आसपास अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी है। गुरुवार को दो कारों के बहने की घटना में भले ही कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन यह हादसा एक बार फिर चेतावनी दे गया है कि सूखी नदी के आसपास वाहन खड़ा करना कितना खतरनाक हो सकता है। प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा निर्देशों की अनदेखी न करें और बारिश के दौरान नदी के आसपास जाने से बचें।


Happy

Happy

0 %


Sad

Sad


0 %


Excited

Excited


0 %


Sleepy

Sleepy

0 %


Angry

Angry


0 %


Surprise

Surprise


0 %

Please follow and like us:

Pin Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *