डब्ल्यूपीएल में टीमों की संख्या बढ़ाने पर विचार, आईपीएल के तर्ज पर बदलाव हो सकता है – India Mirror News

डब्ल्यूपीएल में टीमों की संख्या बढ़ाने पर विचार, आईपीएल के तर्ज पर बदलाव हो सकता है

महिला प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) ने पिछले तीन वर्षों में काफी सुर्खियां बटोरी है, इसलिए इस बात की चर्चा जोरों पर रहती है कि क्या भविष्य में इस लीग में टीमों की संख्या बढ़ेगी? आईपीएल में पहले आठ टीमें खेलती थी, लेकिन 2022 से इसकी संख्या बढ़कर 10 हो गई थी। इसी तर्ज पर डब्ल्यूपीएल में भी टीमों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया जाता रहा है। आईपीएल के चेयरमैन और डब्ल्यूपीएल समिति के सदस्य अरुण धूमल ने इसे लेकर स्थिति स्पष्ट की है।

धूमल का कहना है कि भले ही डब्ल्यूपीएल काफी विकसित हुआ है, लेकिन फिलहाल इसमें टीमों की संख्या बढ़ाने का विचार नहीं किया गया है। डब्ल्यूपीएल में फिलहाल पांच टीमें हिस्सा लेती हैं। डब्ल्यूपीएल समिति की अध्यक्षता भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष रोजर बिन्नी करते हैं। बोर्ड की योजना थी कि तीन सत्र के बाद डब्ल्यूपीएल में टीम की संख्या बढ़ाई जाए, लेकिन फिलहाल इसे लेकर बोर्ड जल्दबाजी में नहीं है। धूमल ने न्यूज एजेंसी पीटीआई के हवाले से कहा, फिलहाल इस टूर्नामेंट को और विकसित करने के लिए, हम किसी भी टीम को शामिल करने से पहले इसे मजबूत करना चाहते हैं। इसमें अतिरिक्त टीम जोड़ने का कोई तत्कालिक प्लान नहीं है। तीन सत्रों में डब्ल्यूपीएल ने शानदार विकास किया है। स्टेडियम में भीड़ भी देखने मिली और सभी ब्रॉडकास्टर के आंकड़े भी प्रेरित करने वाले हैं। इससे दुनिया भर में महिला क्रिकेट को बल मिला है। हमें उम्मीद है कि यह लीग आगे भी विकसित होगी और यह ना सिर्फ टूर्नामेंट, बल्कि महिला क्रिकेट के लिए भी फायदेमंद होगी।

डब्ल्यूपीएल में अभी भी घरेलू और बाहर का प्रारूप लागू नहीं है, जैसा कि आईपीएल में होता है। बीसीसीआई ने इस सीजन डब्ल्यूपीएल के मैचों की मेजबानी बड़ौदा, लखनऊ, मुंबई और बंगलुरू को सौंपी थी। मुंबई इंडियंस ने इस सीजन फाइनल में दिल्ली कैपिटल्स को हराकर तीन साल में अपना दूसरा खिताब जीता था। इसे मीडिया अधिकार 951 करोड़ रुपये में बिके थे जो महिला लीग में दूसरा सर्वोच्च आंकड़ा है। इस सीजन महिला प्रीमियर लीग के मुकाबलों में स्टेडियम पर अच्छी भीड़ दिखी थी। टूर्नामेंट का मुख्य उद्देश्य भारत में महिला क्रिकेट को विकसित करना और ज्यादा से ज्यादा प्रतिभाओं की खोज करना है। इस मोर्चे पर प्रतिस्पर्धा में सुधार की काफी गुंजाइश है।

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