म्यांमार में भूकंप का कहर, मांडले के पास आए 7.7 तीव्रता के भूकंप से 1000 से अधिक मौतें

शुक्रवार को म्यांमार में आए 7.7 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप में मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अभी तक मरने वालों की संख्या 1000 से ज़्यादा हो गई है। शुक्रवार को दोपहर के समय आए भूकंप का केंद्र म्यांमार के दूसरे सबसे बड़े शहर मांडले के ठीक पश्चिम में था। इसका असर राजधानी नेपीताव सहित कई प्रमुख शहरी केंद्रों में महसूस किया गया है।
इससे पहले शुरुआती रिपोर्ट्स में बताया गया था कि, म्यांमार में आए भूकंप की वजह से 694 लोगों की मौत हो गई और सैकड़ों घायल हुए। भूकंप का केंद्र मांडले के पास था और इसने म्यांमार सहित थाईलैंड के बैंकॉक में भी नुकसान पहुंचाया। बैंकॉक में एक निर्माणाधीन इमारत गिरने से छह लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हुए हैं। भूकंप की तीव्रता 7.7 मापी गई और इसके बाद कई आफ्टरशॉक्स आए, जिनमें से एक की तीव्रता 6.4 थी। म्यांमार के सैन्य शासन ने आधिकारिक तौर पर 694 मौतें और 730 घायलों की पुष्टि की। म्यांमार में भारत के अलावा चीन और रूस ने भी मदद भेजी है।
थाईलैंड के बैंकॉक में एक निर्माणाधीन 33 मंजिला इमारत भूकंप के कारण ढह गई। इमारत गिरने से आसपास के इलाके में भारी धूल और मलबा फैल गया। बैंकॉक में लोग भागते हुए दिखाई दिए और राहत कार्य जारी है। म्यांमार सरकार ने राहत प्रयासों के लिए रक्तदान की अपील की और विदेशी मदद स्वीकार करने की बात की। चीन और रूस ने बचाव दल भेजे, जबकि संयुक्त राष्ट्र ने आपात राहत कार्यों के लिए 5 मिलियन डॉलर आवंटित किए हैं। चीन के युनान और सिचुआन प्रांतों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। चीन के रुइली शहर में भूकंप के कारण कुछ इमारतों को नुकसान पहुंचा और वहां के निवासी भी इसकी तीव्रता से प्रभावित हुए।

म्यांमार और थाईलैंड के अलावा शनिवार की सुबह अफगानिस्तान में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। अफगानिस्तान में आए भूकंप की तीव्रता रिएक्टर स्केल पर 4.7 मापी गई। हालांकि, अभी तक किसी तरह के नुकसान की कोई खबर सामने नहीं आई है। भारत ने म्यांमार की मदद के लिए 15 टन राहत सामग्री भेजी है। भारतीय वायुसेना का सी-130J सुपर हरक्यूलिस विमान हिंडन एयरफोर्स स्टेशन से राहत सामग्री लेकर म्यांमार के लिए रवाना हुआ।

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