Deprecated: Function WP_Dependencies->add_data() was called with an argument that is deprecated since version 6.9.0! IE conditional comments are ignored by all supported browsers. in /home/u924082484/domains/indiamirrornews.com/public_html/wp-includes/functions.php on line 6131

भारत-पाकिस्तान तनाव पर अमिताभ बच्चन ने दी प्रतिक्रिया, रामचरितमानस का किया जिक्र

भारत-पाकिस्तान के बीच जारी स्थिति और पहलगाम हमले के बाद पैदा हुए तनाव पर शनिवार देर रात महानायक अमिताभ बच्चन ने पहली बार प्रतिक्रिया दी थी। इससे पहले उनकी चुप्पी पर हर कोई सवाल उठा रहा था। अब जब भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध विराम हो गया है और तनाव कम हो रहा है। तब बीती रात बिग बी ने अपने एक्स पर एक बार फिर मौजूदा परिस्थिति पर एक ट्वीट किया है। अपने इस ट्वीट मेंं बिग बी ने रामचरितमानस का भी जिक्र किया है।

काफी आलोचनाओं के बाद बिग बी अब भारत-पाकिस्तान के बीच पैदा हुई परिस्थितियों पर एक्टिव नजर आ रहे हैं। युद्ध विराम के बाद उन्होंने बीती देर रात एक एक्स पर एक और पोस्ट किया। अपने इस पोस्ट में बिग बी ने तुलसीदास जी की रामचरितमानस की एक पंक्ति का जिक्र करते हुए लिखा, ‘सूर समर करनी करहिं, कहि न जनावहिं आप।’ पंक्ति का अर्थ बताते हुए उन्होंने लिखा, “पंक्ति का अर्थ है कि शूरवीर अपने पराक्रम को युद्ध में करके दिखाते हैं, वे अपनी वीरता का प्रदर्शन करने के लिए बातें नहीं बनाते। यह पंक्ति तुलसीदास जी के रामचरितमानस के लक्ष्मण-परशुराम संवाद से ही ली गई है, कि शूरवीर अपनी वीरता को युद्ध में करके दिखाते हैं, वे अपने मुंह से अपनी प्रशंसा नहीं करते। कायर लोग ही युद्ध में शत्रु को सामने देखकर अपनी वीरता की डींगें हांका करते हैं।”

अपनी पोस्ट में आगे बिग बी ने अपने पिता कवि हरिवंश राय बच्चन की पंक्तियों का जिक्र किया। साथ ही इस पोस्ट से पहले शेयर की उनकी कविता के बारे में भी लिखा। उन्होंने लिखा, “हाइलाइट की गई लाइन पूरी है। जिसका मतलब है कि युद्ध में वीर बहादुर, अपनी वीरता दिखाते हैं। वे अपनी बहादुरी और वीरता का गुणगान नहीं करते। वो कायर हैं जो दुश्मन को देखकर केवल अपनी बहादुरी का नारा लगाते हैं। शब्दों ने व्यक्त किया है पहले से कहीं अधिक सत्य। एक कवि और उनकी दृष्टि पहले से कहीं अधिक महान। बाबूजी के यह शब्द 1965 के पाकिस्तान के साथ युद्ध के इर्द-गिर्द लिखे गए। हम जीते और विजयी हुए, जिसके लिए उन्हें 1968 में प्रतिष्ठित साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला, यानी लगभग 60 साल पहले। 60 साल पहले एक दृष्टि जो आज भी वर्तमान परिस्थितियों में सांस लेती है।” इससे पहले बिग बी ने एक तस्वीर शेयर की थी, जिसमें अपने पिता हरिवंश राय बच्चन की एक कविता लिखी हुई थी।

इससे एक दिन पहले बिग बी ने पहलगाम हमले के 20 दिन बाद घटना को लेकर पहली बार प्रतिक्रिया दी थी। जिसमें उन्होंने अपने बाबूजी यानी कि हरिवंश राय बच्चन की पंक्तियों का जिक्र करते हुए पहलगाम में हुई पूरी घटना को लिखा था। साथ ही उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के लिए देश के प्रधानमंत्री और भारतीय सेना की भी प्रशंसा की थी।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *