पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप

उत्तराखंड की राजनीति में एक बार फिर भूचाल आ गया। खानपुर विधायक उमेश कुमार(MLA Umesh Kumar) ने देहरादून में पत्रकार वार्ता कर प्रदेश सरकार और पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत पर गंभीर आरोप लगाए।

MLA Umesh Kumar ने

उत्तराखंड की राजनीति में एक बार फिर भूचाल आ गया। खानपुर विधायक उमेश कुमार(MLA Umesh Kumar) ने देहरादून में पत्रकार वार्ता कर प्रदेश सरकार और पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत पर गंभीर आरोप लगाए।

MLA Umesh Kumar ने trivendra singh rawat पर लगाए गंभीर आरोप

विधायक उमेश कुमार ने आरोप लगाते हुए कहा कि “सोशल म्यूचुअल बेनिफिट निधि लिमिटेड” नाम की कंपनी में पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के औद्योगिक सलाहकार के एस पंवार की पत्नी वर्ष 2017 से 2020 तक डायरेक्टर रही हैं। इसी दौरान करीब 50 हजार फर्जी खातों के जरिए फिक्स्ड डिपॉजिट और आरडी स्कीम में काला धन वैध किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कई खातों के नाम मृत व्यक्तियों या बच्चों के नाम पर थे। जिनकी जानकारी संबंधित व्यक्तियों को नहीं थी

पर लगाए गंभीर आरोप

विधायक उमेश कुमार ने आरोप लगाते हुए कहा कि “सोशल म्यूचुअल बेनिफिट निधि लिमिटेड” नाम की कंपनी में पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के औद्योगिक सलाहकार के एस पंवार की पत्नी वर्ष 2017 से 2020 तक डायरेक्टर रही हैं। इसी दौरान करीब 50 हजार फर्जी खातों के जरिए फिक्स्ड डिपॉजिट और आरडी स्कीम में काला धन वैध किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कई खातों के नाम मृत व्यक्तियों या बच्चों के नाम पर थे। जिनकी जानकारी संबंधित व्यक्तियों को नहीं थी।

सबूत मिटाने के किए प्रयास

विधायक ने कहा कि शासन ने इस मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा (EOW) को सौंपी है। बावजूद इसके जांच को दबाया जा रहा है. उमेश कुमार ने मामले में साक्ष्य मिटाने के प्रयासों पर भी सवाल उठाए हैं। विधायक ने कहा कि RBI की संस्तुति पर STF के गठन के बावजूद कंपनी से जुड़ी फाइलें और सबूत गायब कर दिए गए। विधायक ने कहा कि 200 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सरकार आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रही है। विधायक ने चेतावनी दी कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो वो उच्च न्यायालय जाकर ई़डी या सीबीआई से जांच की मांग करेंगे।

पर लगाए गंभीर आरोप

विधायक उमेश कुमार ने आरोप लगाते हुए कहा कि “सोशल म्यूचुअल बेनिफिट निधि लिमिटेड” नाम की कंपनी में पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के औद्योगिक सलाहकार के एस पंवार की पत्नी वर्ष 2017 से 2020 तक डायरेक्टर रही हैं। इसी दौरान करीब 50 हजार फर्जी खातों के जरिए फिक्स्ड डिपॉजिट और आरडी स्कीम में काला धन वैध किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कई खातों के नाम मृत व्यक्तियों या बच्चों के नाम पर थे। जिनकी जानकारी संबंधित व्यक्तियों को नहीं थी

पर लगाए गंभीर आरोप

विधायक उमेश कुमार ने आरोप लगाते हुए कहा कि “सोशल म्यूचुअल बेनिफिट निधि लिमिटेड” नाम की कंपनी में पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के औद्योगिक सलाहकार के एस पंवार की पत्नी वर्ष 2017 से 2020 तक डायरेक्टर रही हैं। इसी दौरान करीब 50 हजार फर्जी खातों के जरिए फिक्स्ड डिपॉजिट और आरडी स्कीम में काला धन वैध किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कई खातों के नाम मृत व्यक्तियों या बच्चों के नाम पर थे। जिनकी जानकारी संबंधित व्यक्तियों को नहीं थी।

सबूत मिटाने के किए प्रयास

विधायक ने कहा कि शासन ने इस मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा (EOW) को सौंपी है। बावजूद इसके जांच को दबाया जा रहा है. उमेश कुमार ने मामले में साक्ष्य मिटाने के प्रयासों पर भी सवाल उठाए हैं। विधायक ने कहा कि RBI की संस्तुति पर STF के गठन के बावजूद कंपनी से जुड़ी फाइलें और सबूत गायब कर दिए गए। विधायक ने कहा कि 200 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सरकार आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रही है। विधायक ने चेतावनी दी कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो वो उच्च न्यायालय जाकर ई़डी या सीबीआई से जांच की मांग करेंगे।

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