फॉर्म-7 की शिकायतों की होगी जांच, अनियमितता मिली तो कार्रवाई – Uttarakhand Samachar – India Mirror News

फॉर्म-7 की शिकायतों की होगी जांच, अनियमितता मिली तो कार्रवाई – Uttarakhand Samachar

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हरिद्वार:-  उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़ी शिकायतों को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ता नजर आ रहा है। मंगलौर से कांग्रेस विधायक काजी निजामुद्दीन ने आरोप लगाया कि कई मामलों में एक ही परिवार के अलग-अलग सदस्यों के नाम से SIR प्रक्रिया को लेकर शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। उन्होंने कहा कि कुछ मामलों में बीएलओ और पूर्व विधायक के परिवार के सदस्यों के खिलाफ भी शिकायतें की गई हैं। काजी निजामुद्दीन के मुताबिक, कई शिकायतें कथित तौर पर फर्जी तरीके से की जा रही हैं। उनका दावा है कि यह स्थिति सिर्फ मंगलौर विधानसभा तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश की कई अन्य विधानसभाओं से भी इसी तरह की शिकायतें सामने आ रही हैं।

कई शिकायतों की जांच की जाएगी

एसडीएम जितेंद्र कुमार ने कहा कि विधायकों की ओर से SIR से संबंधित कई मुद्दे अधिकारियों के सामने रखे गए हैं। उन्होंने बताया कि फॉर्म-7 से जुड़ी कई शिकायतें प्राप्त हुई हैं और सभी शिकायतों की जांच की जाएगी। एसडीएम के अनुसार, जांच के दौरान यदि किसी मामले में अनियमितता या कमी सामने आती है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

‘फर्जी शिकायत करने वालों पर होगी कार्रवाई’

काजी निजामुद्दीन ने आरोप लगाया कि कुछ लोग जानबूझकर फर्जी शिकायतें दर्ज करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि चुनाव आयोग की जांच में ऐसे लोगों की पहचान होती है, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दावा किया कि नियमों के मुताबिक एक व्यक्ति बड़ी संख्या में सामूहिक शिकायतें नहीं कर सकता, जबकि एक मामले में एक व्यक्ति की ओर से करीब 30 शिकायतें दर्ज किए जाने की बात सामने आई है। कांग्रेस विधायक ने कहा कि यदि जांच में शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोप गलत पाए जाते हैं तो पार्टी इस मामले में हाईकोर्ट का रुख भी कर सकती है। फिलहाल संबंधित अधिकारियों और चुनाव आयोग के स्तर पर शिकायत दर्ज कराए जाने की बात कही गई है।

अनुपमा रावत ने भी उठाया था फॉर्म-7 का मुद्दा

इससे पहले हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा से कांग्रेस विधायक अनुपमा रावत ने भी SIR प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए थे। मंगलवार को आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने सत्तारूढ़ दल से जुड़े लोगों पर विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं के वोट प्रभावित करने और फॉर्म-7 के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाया था। अनुपमा रावत ने इस मुद्दे को लेकर सड़क से लेकर सदन तक लड़ाई लड़ने की बात कही थी।

SIR को लेकर बढ़ सकती है सियासी तकरार

SIR और फॉर्म-7 से जुड़ी शिकायतों को लेकर कांग्रेस विधायकों के आरोपों के बाद उत्तराखंड में राजनीतिक बहस तेज हो गई है। वहीं, प्रशासन का कहना है कि प्राप्त सभी शिकायतों की जांच की जाएगी और जांच में अनियमितता मिलने पर नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले में जांच रिपोर्ट का इंतजार है, जिसके बाद यह स्पष्ट होगा कि शिकायतों में कितनी वास्तविक हैं और कितने मामलों में नियमों का उल्लंघन हुआ है।

 

 


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