मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर कांग्रेस और इंडी गठबंधन के विरोध पर तीखा हमला बोला।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने शासनकाल का इतिहास देखे, तब भी मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण होता था। उस समय आपत्ति नहीं जताने वाली कांग्रेस आज इसी प्रक्रिया पर सवाल उठाकर दोहरे मापदंड अपना रही है।
एसआईआर का उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना
देहरादून में रविवार को एक कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि एसआईआर का उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना है, ताकि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम सूची में शामिल हो सके। भारत निर्वाचन आयोग एक संवैधानिक संस्था है और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना उसकी जिम्मेदारी है।
ऐसे में चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाकर भ्रम फैलाना उचित नहीं है। मुख्यमंत्री धामी ने आरोप लगाया कि जनता का विश्वास खो चुकी कांग्रेस एसआईआर के नाम पर भ्रम और अराजकता फैलाकर अपनी राजनीतिक विफलताओं से ध्यान भटकाना चाहती है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार है, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं के प्रति जनता में अनावश्यक अविश्वास पैदा करना सही नहीं है।