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भूस्खलन के बाद वायनाड में 206 लापता लोगों की खोज जारी

वायनाड में भूस्खलन आपदा के बाद राहत एवं बचाव कार्य जारी है। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के अनुसार अब भी 206 लोग लापता हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। समाचार एजेंसी पीटीआई ने मुख्यमंत्री के हवाले से बताया कि आपदा प्रभावित वायनाड में खोज और बचाव अभियान अब अपने अंतिम चरण में है।
पिनाराई विजयन ने शनिवार को मीडिया को बताया कि चालियार नदी से बरामद शवों और हिस्सों की पहचान करने में कठिनाई हो रही है। उन्होंने कहा, ‘अब तक, 215 शव बरामद किए गए हैं, जिनमें 87 महिलाएं, 98 पुरुष और 30 बच्चे हैं। अब तक 148 शव सौंपे जा चुके हैं। 206 लोग लापता हैं। 81 लोग घायल हैं और विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 67 शवों की पहचान अभी बाकी है और पंचायतें अंतिम संस्कार करेंगी। उन्होंने कहा कि तलाशी अभियान जारी है, जिसमें अग्निशमन बल, एनडीआरएफ, वन विभाग, पुलिस, भारतीय सेना और तमिलनाडु के स्वयंसेवकों के 1,419 कर्मी शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि के-9 दस्ते और तमिलनाडु मेडिकल टीम भी बचाव कार्य में जुटी हैं। साथ ही मानव बचाव रडार और ड्रोन-आधारित रडार जैसे उन्नत उपकरणों का भी उपयोग किया जा रहा है।
विस्थापितों के पुनर्वास प्रयासों का जिक्र करते हुए विजयन ने कहा कि एक सुरक्षित क्षेत्र की पहचान की जाएगी और एक टाउनशिप का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य के शिक्षा मंत्री, क्षेत्र में नष्ट हुए स्कूलों का दौरा करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो। विजयन ने कहा कि चूरलमाला में 866 पुलिस अधिकारी तलाशी अभियान का नेतृत्व कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘अग्निशमन और बचाव सेवाओं ने स्वयंसेवकों के साथ एक जिप लाइन पुल और एक अस्थायी पुल का उपयोग करके लगभग 1,000 लोगों को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यूरालुंगल लेबर कॉन्ट्रैक्ट कोऑपरेटिव सोसाइटी ने हेलीपैड का निर्माण और भोजन प्रदान करके महत्वपूर्ण योगदान दिया है।’ मुख्यमंत्री ने दावा किया कि वैश्विक समुदाय ने मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष (सीएमडीआरएफ) में योगदान की अपील पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘दान विभिन्न तरीकों से सीएमडीआरएफ को ऑनलाइन किया जा सकता है, जिसकी रसीदें डाउनलोड के लिए उपलब्ध हैं। हालांकि, दुरुपयोग को रोकने के लिए यूपीआई लेनदेन के क्यूआर कोड प्रणाली को वापस ले लिया गया है। राज्य सरकार ने पुनर्वास प्रक्रिया के हिस्से के रूप में जमीन उपलब्ध कराने और घर बनाने के लिए वैश्विक समुदाय से विभिन्न प्रस्तावों के समन्वय के लिए ‘हेल्प फॉर वायनाड सेल’ का गठन किया है। संयुक्त भूमि राजस्व आयुक्त ए गीता प्रस्तावों का समन्वय करेंगी और सेल का नेतृत्व करेंगी।’
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘दान संबंधित संचार के लिए एक ईमेल आईडी (helpforwayanad@kerala.gov.in) और समर्पित फोन नंबर (9188940013, 9188940014, 9188940015) के साथ एक कॉल सेंटर बनाया गया है।’ उन्होंने यह भी बताया कि मंगलवार को कोझिकोड जिले के वडकारा के पास विलनगाड में कई भूस्खलन हुए।

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