अल्मोड़ा में सड़क सुरक्षा को लेकर पुलिस का अभियान, 100 वाहनों पर कार्रवाई – India Mirror News

अल्मोड़ा में सड़क सुरक्षा को लेकर पुलिस का अभियान, 100 वाहनों पर कार्रवाई

रुद्रपुर:- अल्मोड़ा जिले में हुई सड़क दुर्घटना के बाद पुलिस ने जिलेभर में यातायात नियमों और मानक से अधिक सवारियां ढो रहे वाहनों के विरुद्ध अभियान चलाया। इस दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर 100 वाहनों का चालान किया गया। वहीं अधिक सवारियां ले जा रहे 50 से अधिक टेंपो और ई-रिक्शा सीज किए गए। अचानक हुई इस कार्रवाई से कई वाहन चालक संपर्क मार्गों से भाग गए। एसपी यातायात मनोज कत्याल ने थाना और चौकी पुलिस के साथ ही यातायात और सीपीयू को ओवरलोड, ट्रिपल राइडिंग, यातायात नियमों का उल्लंघन और मानक से अधिक सवारियां ढोने वाले बस, मैजिक, टेंपो और ई-रिक्शा के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।
इसके बाद पुलिस ने जसपुर, काशीपुर, बाजपुर, गदरपुर, दिनेशपुर, रुद्रपुर, किच्छा, पंतनगर, पुलभट्टा, सितारगंज, नानकमत्ता और खटीमा क्षेत्र में अभियान शुरू कर दिया। इस दौरान पुलिस ने यातायात नियमों को ताक पर रखकर संचालित हो रहे 100 वाहनों का चालान किया। साथ ही अधिक सवारियां ढो रहे 50 ई-रिक्शा और टेंपो को सीज कर दिया। एसपी यातायात मनोज कत्याल ने बताया कि दोपहर 12 से तीन बजे तक ओवरलोड स्कूल बसों की जांच की गई। शाम पांच से आठ बजे तक यात्री ढोने वाले वाहनों की चेकिंग की जा रही है। बताया कि रोजाना ही पुलिस अभियान चलाएगी।

टनकपुर डिपो की बस में खड़े मिले सात यात्री
हाई कोर्ट के आदेश के बावजूद निजी सहित परिवहन निगम की बसों में क्षमता से अधिक सवारियां ढोई जा रही हैं। रुद्रपुर बस टर्मिनल में वर्तमान में 71 बसों का संचालन होता है। इनमें से 49 अनुबंधित व 22 निगम की हैं। रोजाना सात-आठ हजार यात्री सफर करते हैं। सोमवार को जागरण टीम ने कुछ बसों की पड़ताल की तो टनकरपुर डिपो की बस में सात यात्री खड़े मिले।
उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बसों का भी यही हाल था। रुद्रपुर डिपो की बस में किच्छा से कई यात्री खड़े होकर यात्रा कर रहे थे। परिचालकों ने बताया कि सीट न होने के कारण बिठाने से मना करने पर यात्री मारपीट पर उतारू होते हैं।
18 माह में सिर्फ 20 रोडवेज बसों का चालान
अल्मोड़ा हादसे पूर्व तक बीते 18 माह में परिवहन निगम ने क्षमता से अधिक यात्री बिठाने पर मात्र 20 बसों का चालान किया है। इससे विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठना लाजिमी है।

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