हल्द्वानी के वनभूलपुरा इलाके में कर्फ्यू के बाद भी क्षेत्र के 300 से ज्यादा घरों पर ताला लटक रहा है। इतना ही नहीं इनमें से कुछ घर ऐसे भी है, जहां ताला तो नहीं है, पर लोग घर के अंदर नहीं हैं। इलाके के लोग पूरे परिवार के साथ घर पर ताला लगाकर दूसरे जिलों या राज्यों में जा चुके हैं। वहीं पुलिस की छानबीन में जो लोग चिन्हित हुए हैं उनमें से भी कई लोग फरार चल रहे हैं। ऐसे लोगों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने दूसरे जिलों में फोर्स को भेज रखा है।
उपद्रव के बाद से मलिक का बगीचा, इंद्रानगर, छोटी लाइन, बड़ी लाइन सहित वनभूलपुरा के कई इलाकों से लोगों ने घरों को ताला लगाकर निकलना शुरू कर दिया है। यह सिलसिला उपद्रव की रात से ही शुरू हो गया था। बवाल थमने के बाद से ही लोगों ने घरों को जस का तस छोड़कर परिवार सहित भागना शुरू कर दिया। महिला, बच्चों सहित लोग यूपी और उत्तराखंड के ही दूसरे जिलों में जा चुके हैं। यह सिलसिला अभी भी जारी है। उपद्रव के बाद से पुलिस ने हर उस घर को चिन्हित कर उनकी तलाशी और छानबीन करना शुरू किया जिसकी छत से ईंट-पत्थर बरस रहे थे।
दो दिनों से पुलिस, पीएसी और महिला फोर्स की टुकड़ियां घरों की छानबीन कर चिन्हित उपद्रवियों और पत्थरबाजों की धरपकड़ कर रही थी। वहीं उपद्रव की रात ही लोग गौलापार होते हुए टेंपो और निजी वाहनों से भाग खड़े हुए तो कई लोग गौला बाईपास के रास्ते रात और सुबह के अंधेरे का फायदा उठाकर परिवार सहित कई 10 किलोमीटर से ज्यादा पैदल सफर तय कर लालकुआं और वहां से ट्रेन का सफर तय कर दूसरे राज्यों में पहुंचे। रविवार तक वनभूलपुरा के 300 से ज्यादा घरों पर ताला लग चुका था।